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Jokes for Kids in Hindi | Majedar Funny Chutkule

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    Jokes for Kids in Hindi

    जोक्स चुटकुले और लोटपोट होना किसे नहीं पसंद, हम सभी को हँसना पसंद हैं और हो भी क्यों न हँसान और हँसाना सेहत और ज़िन्दगी के लिए बेहद ही ज़रूरी हैं, इससे न केवल शारीरिक बल्कि रिश्तों में भी मजबूती बनी रहती हैं,

    Jokes for Kids in Hindi का यह आर्टिकल हँसाने वाले मजेदार चुटकुले ले कर आये हैं,जो न केवल बच्चे (kids) बल्कि बड़े यानि (adults) के लिए भी पूरी तरह से उपयुक्त हैं, इन funny jokes से आप न केवल पार्टी की शान बन जायेंगे, बल्कि लोग आपके फेन होने पर मजबूर हो जायेंगे,

    अब जब भी कोई आपसे कहेगा की ज़रा chutkule sunao, तो आपके पास कभी इनकी कमी महसूस नहीं होगी। भले ही आपको whatsapp पर मजेदार चुटकुले फॉरवर्ड करने हो, आपको हर तरह से मज़ेदार चुटकुले मिलेंगे, तो चलिए शुरू करते हैं

    लोटपोट मजेदार चुटकुले फॉर किड्स

    कॉमेडी-जोक्स-इन-हिंदी-फॉर-व्हाट्सएप्प

    मास्टर – बंटी, अपने पिताजी का नाम इंग्लिश में बताओ
    बंटी – ब्यूटिफुल रेड अंडरवियर
    मास्टर – नालायक हिंदी में बताओ
    बंटी – सुंदर लाल चड्ढा

    मास्टर – सबसे ज्यादा नशा किसमें होता है?
    बंटी – बुक में।
    मास्टर – कैसे?
    बंटी – क्योंकि बुक खोलते ही नींद आ जाती है।

    मास्टर – बंटी, बताओ बिल्ली पूंछ क्यों हिलाती है?
    बंटी – क्योंकि, पूंछ बिल्ली की है।

    बंटी ने शर्मा जी को अपना रिजल्ट दिखाते हुए कहा – शर्मा जी आप बहुत किस्मत वाले हैं
    शर्मा जी – वो कैसे?
    बंटी – क्योंकि, मैं फेल हो गया हूं। अब आपको मेरे लिए नई बुकें नहीं खरीदनी पड़ेंगीं।

    मास्टर – बच्चों बताओ, math की बुक देखकर अक्सर सब लोग मायूस क्यों हो जाते हैं?
    सुमित – क्योंकि, इसमें किसी भी सवाल का हल नहीं होता है।

    बंटी – शर्मा जी, ये पुलिस लाठी चार्ज करते समय कौन से चार्जर से लाठी चार्ज करती है? इस सवाल के बाद से घर में सन्नाटा छाया हुआ है।

    मास्टर – एक तरफ पैसा और दूसरी तरफ अक्ल… बताओ बंटी तुम क्या चुनोगे?
    बंटी – पैसा
    मास्टर – गलत, मैं तो अक्ल चुनता।
    बंटी – आपकी बात भी सही है, क्योंकि जिसके पास जो चीज नहीं होगी, वो वही चुनेगा।

    शर्मा जी – बंटी, आज तुम स्कूल क्यों नहीं जा रहे हो?
    बंटी – शर्मा जी, कल स्कूल में हमें तौला गया था और क्या पता आज बेच ही न दें।
    मास्टर – बताओ, कुतुब मीनार कहां है?
    बंटी – पता नहीं।
    मास्टर – फिर बेंच पर खड़े हो जाओ।
    बंटी बेंच पर खड़ा हो जाता है और कुछ देर बाद कहता है, मास्टर यहां से भी नहीं दिख रहा है।

    एक व्यक्ति ने बंटी से पूछा – Samsung फोन की दुकानों के बाहर काम करने वाले गार्ड को क्या कह कर बुलाते हैं?
    बंटी ने जवाब दिया – गार्डियंस ऑफ द गैलेक्सी

    शर्मा जी ने बंटी को डांटते हुए कहा – तुम्हें पुदीना लाने के लिए कहा था, तुम धनिया क्यों ले आये हो।
    तुम जैसे बेवकूफ को तो घर से निकाल देना चाहिए।
    बंटी – शर्मा जी चलो हम दोनों ही घर से निकल जाते हैं, क्योंकि माँ कह रही थी यह मेथी है।

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    मास्टर – बच्चों, इतिहास से हमें पता चलता है कि हमारे पूर्वज बन्दर थे
    तभी बंटी का जाट मित्र गुस्से में लाल होते हुए, थारे होंगे, मारे तो चौधरी थे

    मास्टर- “खुशी का ठिकाना न रहा” कोई इस मुहावरे का अर्थ बताओ?
    बंटी – खुशी घर वालों से छिपकर, हर रोज अपने दोस्त से मिलने जाती थी।
    फिर एक दिन उसके शर्मा जी ने उसे देख लिया और खुशी को घर से निकाल दिया।
    अब बेचारी “खुशी का ठिकाना न रहा”।

    मास्टर – खाना खाने से पहले सभी बच्चों को अपने हाथ धोने चाहिए।
    बंटी – लेकिन, मैं तो खाना खाने के बाद हाथ धोता हूं।
    मास्टर- ऐसा क्यों?
    बंटी – ताकि मोबाइल पर दाग न पड़ जाए।

    शर्मा जी – मेरा बेटा मुझे ज्यादा प्यार करता है।
    माँ – नहीं, मेरा बेटा मुझे ज्यादा प्यार करता है।
    शर्मा जी – अच्छा..चलो बेटे को चुपके से कंकड़ मारते हैं, वो डरकर जिसका नाम लेगा उसी से वह ज्यादा प्यार करता है।
    माँ – ठीक है।
    उन्होंने जैसे ही बंटी को पत्थर मारा बंटी चिल्लाते हुए बोला – कौन है बेवकूफ, बाहर आ तेरी खबर लेता हूं।

    मास्टर- बताओ, ताजमहल किसने बनाया था?
    बंटी – मिस्त्री ने।
    मास्टर – अरे बेवकूफ किसने बनवाया था?
    बंटी – तो फिर ठेकेदार ने बनवाया होगा।

    मास्टर – ज्योति तुम कल स्कूल क्यों नहीं आई थी?
    ज्योति – सर मैं सपने में जापान गई थी।
    मास्टर- बंटी तुम कल कहां थे?
    बंटी – सर मैं ज्योति को सपने में एयरपोर्ट तक छोड़ने गया था।

    पप्पू और राजू आपस में बातें कर रहे थे।
    पप्पू – क्या तुम चीनी भाषा पढ़ कर सुना सकते हो?
    राजू – हां, लेकिन तभी जब वह हिंदी या इंग्लिश में लिखी हुई हो।
    पप्पू – राजू, जरा अपनी साइकिल आज मुझे देना।
    राजू – नहीं।
    पप्पू – अगर मुझे साइकिल नहीं दोगे, तो मेरा दिल खट्टा हो जाएगा।
    राजू ने झट से बोला – तो चीनी खा लेना।

    बंटी – मैं कल से स्कूल नहीं जांऊगा, मास्टर को कुछ आता ही नहीं है।
    शर्मा जी – क्यों, ऐसा क्या हो गया?
    बंटी – वो सारे सवालों के जवाब मुझसे ही पूछते हैं।

    हँसाने वाले मजेदार चुटकुले

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    मास्टर ने पढ़ाते हुए प्रश्न पूछा – कौन-सा हाथ लिखने के लिए सबसे अच्छा होता है?
    सुमित ने जवाब दिया – कोई सा भी नहीं, क्योंकि हम पेन से लिखते हैं।

    बंटी भागते-भागते घर में आया और शर्मा जी-माँ से कहने लगा कि जल्दी से तैयार हो जाओ सब।
    शर्मा जी-माँ – क्यों?
    बंटी – अरे, मुझे लड़की वाले देखने के लिए घर में आ रहे हैं।
    शर्मा जी – ये तुमसे किसने कहा?
    बंटी – अरे, मैं अभी पड़ोस की प्रिया को परेशान कर रहा था, तो उसके शर्मा जी बोले कि हम देख लेंगे तुझे।

    माँ – नया घर बनने में अभी 6 महीने और लगेंगे।
    शर्मा जी – अरे नहीं, मैं चार आदमी और लगा दूंगा, तो घर जल्दी बन जायेगा।
    तभी बंटी अचानक कुछ सोचते हुए गंभीर होकर पूछता है, अच्छा माँ मैं कितने दिनों में पैदा हुआ था?
    माँ – 9 महीने में, क्यों?
    बंटी – अरे, तो चार आदमी और लगा लेती न, तो मैं जल्दी से पैदा हो जाता।

    स्कूल से घर आने पर बंटी काफी उत्साहित था। उसने शर्मा जी से पूछा,
    “मैं पूरी क्लास में सबसे बड़ा हूं, तो क्या मुझे भी जादू मिलेगा कभी?
    शर्मा जी – नालायक, क्योंकि तू 17 साल का हो गया और अभी भी पांचवीं में ही पढ़ रहा है।

    भिखारी – भगवान के नाम पर कुछ दे दो बाबा।
    बंटी – मैं बाबा नहीं बंटी हूं।
    भिखारी – भगवान के नाम पर कुछ दे दो बंटी।
    बंटी – हां, अब हुई न कुछ बात। बाबा आप कल आना आज घर में कोई नहीं है।

    दो चूहे मिलकर जंगल में शिकार करने के लिए गए।
    पहला चूहा – मैं पेड़ पर चढ़ जाता हूं। कोई आएगा तो ऊपर से जाल उसके ऊपर फेंक दूंगा।
    दूसरा चूहा – मैं झाड़ी के पीछे छिप जाता हूं। कोई आएगा, तो पीछे से उसे पकड़ लूंगा।
    फिर दोनों अपनी-अपनी जगह पर छिप गए।
    तभी हाथी वहां पर आया। पहला चूहा हाथी के ऊपर कूद गया।
    दूसरा चूहा चिल्लाते हुए – दबा के रख उसे, मैं भी आ रहा

    मास्टर बंटी की शिकायत लेकर घर पहुंचे।
    मास्टर – बंटी तुम्हारे दादाजी कहां पर हैं?
    बंटी – दादाजी तो 10 दिन पहले चल बसे।
    मास्टर – अरे, कैसे?
    बंटी – वो योगासन कर रहे थे…
    मास्टर – भला योग करने से कैसे कोई मर सकता है?
    बंटी – टीवी में बाबा रामदेव ने बोला कि सांस अंदर लो और जब मैं कहूं तभी सांस छोड़ना,
    और तभी लाइट चली गई। 3 घंटे बाद आई, तब तक दादाजी चल बस थे।

    मास्टर कक्षा में बच्चों को बम से बचने का तरीका सिखा रहे थे।
    मास्टर – बच्चों, बताओ अगर स्कूल के सामने बम रखा है, तो क्या करेंगे?
    बंटी – एकात घंटे देखेंगे, फिर….
    मास्टर – फिर क्या?
    बंटी – फिर कोई ले जाता है तो ठीक है, नहीं तो उसे स्टाफ रूम में रख देंगे।

    बंटी पट्टियों में लिपटा हुआ था। उसे देखकर राजू ने पूछा, “क्या हुआ दोस्त?”
    बंटी – क्या बताऊं, मुझे यार 20 लोगों ने मिलकर मारा है।
    राजू – तो फिर तूने क्या किया?
    बंटी – करना क्या था मैंने उनसे कहा – हिम्मत है तो एक बार में एक ही आओ…
    राजू – फिर?
    बंटी – फिर वो लोग एक-एक करके आए और मुझे मारकर चले गए।

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    शर्मा जी – बंटी, दादी को जन्मदिन पर क्या गिफ्ट दोगे?
    बंटी – मैं तो दादी को फुटबॉल दूंगा।
    शर्मा जी – लेकिन, दादी इस उम्र में फुटबॉल का क्या करेंगीं?
    बंटी – उन्होंने भी तो मेरे जन्मदिन पर मुझे भगवत गीता दी थी।

    बंटी – भैयाजी 10 समोसे देना।
    समोसे वाला – पैक करके देना है?
    बंटी – नहीं, मैं पेन ड्राइव लाया हूं। उसमें समोसे नाम का फोल्डर बनाओ और डाल दो।

    बंटी – मैडम, अगर आपका आशीर्वाद मिले, तो मैं अच्छे नंबर से पास हो जाऊंगा।
    मैडम – हां, पर साथ ही तुम्हें तैयारी भी ठीक से करनी होगी।
    बंटी – तैयारी ही करना होता, तो आपका आशीर्वाद मांगने क्यों आता?

    मेहमान – और बताओ बंटी बेटा, आगे क्या सोचा है?
    बंटी – बस अंकल, आपके जाते ही बिस्कुट खाऊंगा मैं। अब नमकीन तो आप ही सारी खा गए हैं।

    बंटी स्टेशनरी दुकान में जाकर कहता है, “अंकल प्रिंटर के लिए पेपर देना।”
    दुकानदार – A4?
    बंटी – एप्पल! अब जल्दी से पेपर दे दो अंकल।

    मास्टर – बंटी तुम पढ़ने में ध्यान क्यों नहीं लगाते?
    बंटी – क्योंकि, पढ़ाई सिर्फ दो वजह से की जाती है। पहला डर और दूसरा शौक।
    बिना वजह के शौक मैं पालता नहीं और डरता तो मैं अपने बाप से भी नहीं।
    उस दिन बंटी स्कूल और घर दोनों ही जगह खूब पीटा।

    बंटी – मास्टर, लोग हिंदी या इंग्लिश में ही क्यों बात करते हैं? math में बात क्यों नहीं करते?
    मास्टर – ज्यादा 3-5 मत करो। मार-मार कर 9-2…11 कर दूंगा और 32 के 32 बाहर निकल आएंगे।
    बंटी – ठीक है सर अब समझ गया मैं। आज से मैं भी सिर्फ हिंदी और इंग्लिश में ही बात करूंगा।

    मास्टर – कौन-सा पक्षी है, जो पंख होने पर भी नहीं उड़ सकता है?
    बंटी – मास्टर. मरा हुआ पक्षी।

    शर्मा जी को बंटी के बेड पर एक लेटर मिला।
    शर्मा जी उसे पढ़ने लगे। उसमें लिखा था…
    “शर्मा जी, मैं घर छोड़ कर जा रहा हूं। सामने टेबल पर मेरा रिजल्ट रखा हुआ है..हो सके तो मुझे माफ कर देना।”
    शर्मा जी ने रिजल्ट देखा और कम नंबर देखते ही समझ गए कि खराब मार्क्स की वजह से ही वो घर छोड़कर चला गया है।
    इसके बाद पाप रोते हुए कहने लगे, बेटा वापस आ जा हमें नंबर नहीं तू चाहिए।
    तना सुनते ही पलंग के नीचे छिपा बंटी बाहर आ गया।
    फिर शर्मा जी ने माँ के साथ मिलकर बंटी की पिटाई की।

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    बंटी – मास्टर, मैंने एक ऐसी चीज बनाई है, जिससे हम दीवार के आर-पार देख सकते हैं।
    मास्टर – वाह! वो क्या चीज है?
    बंटी – मास्टर, छेद।

    अब मास्टर ने बंटी के लिए पेरेंट्स मीटिंग बुलाई है।
    बंटी ने माँ से पूछा – आपको कैसे पता चला कि मैं आपके पेट में था?
    माँ – मेरा टेस्ट हुआ था।
    बंटी – अच्छा, तो क्या आप पास हो गए थे उसमें?

    माँ – बंटी, आज का पेपर मुश्किल था क्या?
    बंटी – नहीं, सवाल तो आसान थे, लेकिन उनके जवाब मुश्किल थे।

    शर्मा जी – बंटी, रिजल्ट कैसा रहा तुम्हारा?
    बंटी – शर्मा जी, हमारे प्रिंसिपल का बेटा ही फेल हो गया है।
    शर्मा जी – और तुम?
    बंटी – डॉक्टर अंकल का बेटा भी फेल हो गया।
    शर्मा जी – हां, तो ठीक है। तुम अपना बताओ…
    बंटी – तो आप कौन-से प्रधानमंत्री हैं, जो आपका बेटा पास हो जायेगा।

    मास्टर – बंटी, स्वर और व्यंजन में क्या फर्क है?
    बंटी – मास्टर, स्वर मुंह से बाहर निकलते हैं और व्यंजन मुंह के अंदर जाते हैं।
    बंटी – माँ दस रुपये चाहिए गरीब को देने हैं।
    माँ – कहां है गरीब?
    बंटी – बाहर कड़ी धूप में आइसक्रीम बेच रहा है।

    मास्टर – बंटी, 15 फलों के नाम बताओ।
    बंटी – आम, केला, अमरूद और एक दर्जन केले।

    बंटी – शर्मा जी क्या आपको अंधेरे से डर लगता है?
    शर्मा जी – नहीं
    बंटी – शेर से लगता है?
    शर्मा जी – नहीं
    बंटी – तो बिजली से?
    शर्मा जी – नहीं
    बंटी – तो आपके लिए पूरी दुनिया में सिर्फ माँ ही सबसे ज्यादा डरावनी हैं?

    मास्टर – बंटी बताओ, भगवान कहां रहते हैं?
    बंटी – हमारे घर के बाथरूम में।
    मास्टर – ये तुम्हें कैसे पता?
    बंटी – क्योंकि, मेरे शर्मा जी हर रोज सुबह रोज नहाने जाते हैं, तो कहते हैं – हे भगवान, तुम अभी तक अंदर ही हो।

    मास्टर ने बंटी का टिफिन खा लिया।
    मास्टर – बंटी, घर जाकर क्या कहोगे?
    बंटी – यही कि एक जानवर ने मेरा टिफिन खा लिया।

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    मास्टर – बंटी, कबूतर’ पर वाक्य बना कर सुनाओ।
    बंटी – पता ही नहीं चलता…शाम को पी हुई सुबह ‘कब उतर’ जाती है।

    मास्टर – बंटी बताओ, बिजली कहां से आती है?
    बंटी – मामा के घर से।
    मास्टर – वो कैसे?
    बंटी – जब भी बिजली जाती है, तो शर्मा जी कहते हैं – सालों ने फिर से बिजली काट दी।

    शर्मा जी – यूं ही बंटी को समझा रहे थे कि जुआ खेलना बुरा होता है। इसमें आज जीतोगे तो कल हारोगे और परसो जीतोगे, तो उसके अगले दिन हार जाओगे।
    बड़े ध्यान से सबकुछ सुनने के बाद बंटी ने कहा, “ठीक है शर्मा जी, मैं समझ गया कि जुआ एक दिन छोड़कर खेलना चाहिए।

    बंटी – माँ, तुमने कहा था न गुड़िया पिंकी परी है? परियों के पंख होते हैं और वो उड़ सकती हैं?
    माँ – हां, कहा था। तुम क्यों पूछ रहे हो ये सब?
    बंटी – फिर जब मैंने उस पिंकी नाम की गुड़िया को छत से नीचे फेंका तो वो उड़ी क्यों नहीं?

    बस में माँ ने बंटी को डांटते हुए कहा – चुपचाप बैठ जाओ। शरारत की, तो मारूंगी।
    बंटी – आपने मुझे मारा, तो मैं टीटी अंकल को अपनी उम्र बता दूंगा।

    बंटी – डॉक्टर अंकल, कल आप हमारे यहां दावत में क्यों नहीं आए थे?
    डॉक्टर – क्योंकि, अगर मैं दावत खाने जाता तो दावत खाकर लौटने वाले मरीजों को कौन देखता?

    कसाई बकरे को लेकर काटने जा रहा था बकरा चिल्ला रहा था।
    तभी बंटी ने पूछा – बकरा क्यों चिल्ला रहा है?
    कसाई – क्योंकि, मैं इसे काटने ले जा रहा हूं।
    बंटी – अच्छा फिर ठीक है..मुझे लगा आप इसे स्कूल ले जा रहे हैं।

    किसी पहलवान ने बंटी को थप्पड़ मार दिया।
    बंटी – यह थप्पड़ गुस्से में मार दिया या मजाक-मजाक में?
    पहलवान – गुस्से में मारा है।
    बंटी – फिर ठीक है, क्योंकि मजाक मुझे पसंद नहीं है।

    बंटी एक शादी में गया। वहां पंडित जी ने दूल्हे का हाथ दुल्हन केहाथ में थमा दिया।
    बंटी ने यह सब देख कर शर्मा जी से पूछा – दूल्हा और दुल्हन आपस में हाथ क्यों मिला रहे हैं?
    शर्मा जी – बेटा, पहलवान अखाड़े में उतरने से पहले हाथ जरूर मिलाते हैं?

    बंटी – मैंने आपकी लिखी बुक पढ़ी है। आप बिलकुल अकबर बादशाह की तरह लिखते हैं।
    आदमी – लेकिन अकबर बादशाह लिखना ही नहीं जानते थे।
    बंटी – तभी तो मैंने यह कहा है।

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    हँसाने-वाले-मजेदार-चुटकुले

    बंटी – माँ, आपके लिए मेरी क्या कीमत है?
    माँ – अरे, तुम तो करोड़ों से भी कीमती हो।
    बंटी – तो फिर उन करोड़ रुपये में से मुझे 10 रुपये दे दो आइसक्रीम खानी है।

    शर्मा जी – बंटी, शायद तुमने मेरे ब्रश से अपने दांत साफ किए हैं? तभी इससे इतनी बदबू आ रही है।
    बंटी – नहीं…! इससे तो मैंने हमारी बिल्ली के दांत साफ किए थे।

    मां – बंटी! लैंप जला दो।
    कुछ देर बाद भी जब बंटी ने लैंप नहीं जलाया, तो मां ने फिर से पूछा – लैंप कहां है?
    बंटी – मां आपने जब कहा था, मैंने तभी लैंप को चूल्हे में जला दिया था।

    बंटी अपने दोस्त से – इतवार के दिन काम करने वालों को स्वर्ग नहीं मिलता।
    दोस्त – अरे, पुलिस वाले भी तो इतवार को काम करते हैं। क्या वो स्वर्ग नहीं जाते फिर?
    बंटी – नहीं, क्योंकि वहां पुलिस की जरूरत नहीं होती।

    पिताजी – बंटी, कभी बैठकर पढ़ भी लिया करो।
    पूरा दिन घूमते हो या टीवी देखते हो। मैं तुम्हारी उम्र का था तो मेरे पिताजी ने मुझे सख्त अनुशासन में रखा था।
    बंटी – आपके पिताजी पुराने ख्याल के रहे होंगे।
    पिताजी – हां, पर फिर भी, वो तुम्हारे बाप से हजार गुना अच्छे थे।

    शर्मा अंकल ने बंटी को फुसलाते हुए कहा – तुम्हारे बाल बहुत सुन्दर हैं। ये तुम्हें माँ से मिले हैं या फिर पिताजी से?
    बंटी ने सोचते हुए कहा – शायद पिताजी से।
    शर्मा अंकल – अच्छा वो कैसे?
    बंटी – क्योंकि, पिताजी के सर के सारे बाल गायब हैं न।

    बंटी ने इंग्लिश बोलने की नई ट्यूशन शुरू की थी।
    मास्टर – बंटी, कल तुम पढ़ने क्यों नहीं आए थे?
    बंटी – वो कल हमारे यहां मंदिर में ब्युटीफुल ट्रेजेडी थी न, इसलिए नहीं आया था।
    मास्टर – ब्युटीफुल ट्रेजेडी क्या है?
    बंटी – सर जी, सुन्दर काण्ड…आपको इतनी भी इंग्लिश नहीं आती क्या?

    टीवी पर आने वाले विज्ञापनों की माँ कितनी अच्छी होती हैं। बच्चे कपड़े गंदे करके आए तो भी वो हंसते हुए धो देती हैं।
    बचपन में जब हम कपड़े गंदे करते थे, तो पहले हम धुलते थे और बाद में कपड़े।

    माँ ने पिंकी को डांटते हुए कहा – दूध क्यों उबल जाता है, पानी क्यों बह जाता है और सब्जी क्यों जल जाती है?
    पिंकी – व्हाट्सएप पर रिप्लाई करने के चक्कर में।

    बंटी – राजू, चलो कहीं घूमने जाते हैं, जहां जाने के लिए लोग मरते हैं।
    राजू – ठीक है शाम तक बताता हूं।
    शाम होते ही राजू बंटी को श्मशान घाट लेकर गया।
    बंटी गुस्से से – श्मशान भी कोई घूमने की जगह है क्या?
    राजू – अरे पगले, तुम्हीं ने तो कहा था ऐसी जगह चलो, तो यही वो जगह है जहां आने के लिए लोग मरते हैं।

    रात में बंटी को एक मच्छर ने काट लिया।
    बंटी गुस्से में रात भर मच्छर मारने के लिए उसके पीछे चप्पल लेकर भागता रहा।
    ऐसा करते करते-करते सुबह हो गई। फिर भी उसे मार नहीं पाया।
    बंटी – चलो कोई बात नहीं, इसे मार तो नहीं पाया, लेकिन शुक्र है कि मैंने इसे रात भर सोने नहीं दिया।

    बंटी ने जॉब के पहले दिन कंप्यूटर पर 11 घंटे काम किए।
    बॉस (खुशी से) – वाह, पहला ही दिन और इतनी मेहनत। क्या-क्या काम किया आज बताओ?
    बंटी – पता नहीं कहां से खरीद लिया आपने ये कीबोर्ड। इसमें ABCD आगे पीछे थे, तो वो सब सही किया है आज।

    माँ – बंटी, तुम बहुत शरारती हो। बंदर जैसी हरकत करते-करते देखने में भी बंदर जैसे लगने लगे हो।
    बंटी – लेकिन माँ, पड़ोस वाली आंटी तो कहती हैं कि तुम बिलकुल अपने पिताजी की तरह दिखते हो।

    बंटी स्कूल से घर आया काफी गुस्से में था।
    माँ – क्या हुआ?
    बंटी – पहले math की परीक्षा, फिर इंग्लिश में निबंध और फिर टिफिन में कद्दू की सब्जी।

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    लोटपोट-मजेदार-चुटकुले


    बंटी – माँ क्या मैं भगवान की तरह दिखता हूं?
    माँ – नहीं, पर तुम क्यों पूछ रहे हो।
    बंटी – क्योंकि मैं जब भी कहीं जाता हूं, तो सब मुझे देखकर कहते हैं कि हे भगवान फिर आ गए तुम।

    बंटी रो रहा था। शर्मा जी ने रोने का कारण पूछा, तो उसने कहा दस रुपये दोगे, तो बताऊंगा।
    शर्मा जी ने बंटी को दस रुपये दे दिए और कहा – अब बताओ।
    बंटी ने झट से जवाब दिया – माँ यही 10 रुपये नहीं दे रही थीं, इसलिए रो रहा था।

    शर्मा जी – बंटी, जब मैं तुम्हारी उम्र का था तो कभी झूठ नहीं बोलता था।
    बंटी – तो फिर आपने किस उम्र में झूठ बोलना शुरू किया?

    बंटी – माँ, आज मैंने एक लड़के को खूब मारा है।
    माँ – क्यों?
    बंटी – उसने मेरा पेन चुरा लिया था और मांगने पर भी नहीं दे रहा था।
    माँ – लेकिन, तुम तो अपना पेन आज घर ही भूल गए थे।

    एक बार किसी ने बंटी को गहरे रंग वाला कहकर बुला दिया।
    तबसे उसे गोरे होने वाली क्रीम खरीदने का भूत चढ़ गया।
    वह एक दुकान में गया और गोरे होने वाली क्रीम मांगने लगा।
    दुकानदार – गोरा करने वाली क्रीम नहीं है।
    बंटी – तो एक काम करो, जूता पॉलिश वाली क्रीम ही दे दो। कम से कम चेहरा पर ग्लो तो रहेगा।

    मास्टर – बंटी, इंग्लिश में उस फूल का नाम बताओ जो सबसे ज्यादा बात करती हो?
    बंटी ने झट से जवाब दिया दिया – Tulips
    मास्टर – वो कैसे?
    बंटी – क्योंकि, उसके टू लिप्स हैं।

    बंटी ने नई-नई साइकिल चलानी सीखी थी।
    साइकिल चलाते हुए उसने राजू से कहा – देखो मैं आंखें बंद करके भी साइकिल चला लेता हूं।
    इतना कहते ही बंटी साइकिल से गिर गया।
    राजू उसके पास गया और बोला – बंटी देख, झूठ बोलने का ऐसा ही नतीजा होता है और अब तो तेरे दांत भी नहीं रहे।

    मास्टर – मैंने कल जो पाठ पढ़ाया था, उसे सुनाओ।
    बंटी – सर जी, मुझे नहीं आता।
    मास्टर – नहीं आता? चलो, तो ऐसा करो जो आता है वही सुनाओ।
    बंटी – मुझे गाना आता है। सुना दूं क्या?

    मास्टर – अच्छा बच्चों बताओ, रोने और सोने में क्या फर्क है?
    बंटी का मारवाड़ी दोस्त बोला – मेरे शर्मा जी कहते हैं, रोने से व्यापार बढ़ता है और सोने से पेट।

    कॉमेडी जोक्स इन हिंदी फॉर व्हाट्सएप्प

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    मास्टर – एक साल में कितने महीने होते हैं?
    बंटी – 12 होते हैं
    मास्टर – बहुत बढ़िया…तुमने कहां से याद किया?
    बंटी – 12 महीने में 12 तरीके से तुझको प्यार जताऊंगा रे…ढिंक-चिका…ढिंक-चिका.. वाले गाने से।


    शर्मा जी – बंटी, तुम्हें सिर्फ फूल तोड़ने के लिए कहा था। अब तुम साथ में डाली क्यों तोड़ लाए हो?
    बंटी – शर्मा जी, वहां लिखा था फूल तोड़ना मना है, इसलिए मैंने डाली तोड़ ली।

    ट्रैफिक पुलिस में काम करने वाले पिता ने अपने बेटे से पूछा – बंटी, टेस्ट में कम नंबर क्यों आए हैं?
    अब कल से खेलना-कूदना, टीवी देखना बंद।
    बंटी – पिताजी ये 100 रुपये का चालान काट लो और बात को खत्म कर दो।

    मास्टर – बंटी, तुमने अपना होमवर्क क्यों नहीं किया?
    बंटी – क्योंकि, मैं होस्टल में रहता हूं।
    मास्टर गुस्से से – तो नालायक होस्टल में क्या आफत आई थी?
    बंटी – मास्टर अब आप ही बताओ.. होस्टल में होमवर्क कैसे करूंगा? इसके लिए आपको होस्टल वर्क देना चाहिए न।

    मास्टर ने फिर बंटी से पूरे स्कूल के दो राउंड लगवाएं।
    शर्मा जी – बंटी, अमेरिका में 15 साल के बच्चे भी अपने पैरों पर खड़े होने लगते हैं।
    बंटी – इसमें क्या बड़ी बात है। भारत में तो एक साल का बच्चा ही पैरों पर खड़ा हो जाता है और दो साल तक बच्चा भागने लगता है।

    शर्मा जी – बंटी, आज तक तुमने ऐसा कोई काम नहीं किया, जिससे मेरा सिर ऊंचा हुआ हो।
    बंटी – याद करो, एक बार मैंने आपके सिर के नीचे 2 तकिये लगाए थे।

    पिताजी – बंटी, यह फेसबुक तुझे रोटी नहीं देने वाली है।
    बंटी – पर पिताजी, मैं तो यहां रोटी बनाने वाली ढूंढ रहा हूं।

    शर्मा जी – एक जमाना था जब मैं 10 रुपये में ही दूध, सब्जी और फल लेकर आता था।
    बंटी – हां, तो तब दुकानों में सीसीटीवी कैमरे नहीं होते थे।

    बंटी स्कूल जाते हुए बहुत रो रहा था।
    शर्मा जी – चुप हो जा, शेर के बच्चे रोते नहीं हैं।
    बंटी – चुप होते ही। ठीक है तो शेर के बच्चे स्कूल भी नहीं जाते हैं।

    शर्मा जी – बंटी, रिजल्ट का क्या हुआ?
    बंटी – मास्टर ने कहा है कि एक और साल इसी क्लास में पढ़ूंगा।
    शर्मा जी – शाबाश, चाहे 2-3 साल और लग जाए, लेकिन फेल मत होना।

    बंटी – राजू तू घर में है क्या?
    राजू की माँ – हां बेटा, अभी वो मैगी खा रहा है, तुझे भूख लगी है क्या?
    बंटी – हां…
    राजू की माँ – तो घर जाकर माँ को बोल और खाकर आ जा।

    बंटी बर्फ का टुकड़ा उठा कर उसे घूरे जा रहा था।
    राजू – क्या देख रहा है?
    बंटी – देख रहा हूं कि यह लीक कहां से हो रहा है।

    मेले में घोषणा हुई कि ‘हमें एक बच्चा मिला है, जिन..का है, यहां से आकर ले जाएं’।
    इतने में बंटी चिल्लाया – ‘मुझे भी देखना है जिन्न का बच्चा।’

    पेट भर कर जलेबी खाने के बाद बंटी ने माँ से चीनी मांगी।
    माँ – चीनी क्यों?
    बंटी – मास्टर ने बोला है, खाने के बाद कुछ मीठा खा लिया करो।

    मास्टर – बंटी, आज तुमने कौन-सा अच्छा काम किया है?
    बंटी – एक आदमी की बस छूट गई थी, वो उसके पीछे भाग रहा था।
    मास्टर – तो क्या हुआ
    बंटी – तो मैंने उनके पीछे अपना कुत्ता छोड़ दिया और कुत्ते के डर से वह तेज दौड़कर बस में चढ़ गए।

    बंटी – तू स्कूल क्यों नहीं जाता है?
    राजू – जाता तो हर रोज हूं, लेकिन वो मुझे स्कूल से बाहर निकाल देते हैं।
    बंटी – क्यों, कौन से स्कूल में जाता है?
    राजू – कन्या पाठशाला।

    मास्टर – कल हम math के सवाल हल करेंगे, अगर नहीं किए, तो मैं मुर्गा बनाऊंगा।
    बंटी – ठीक है मास्टर, मैं मुर्गा तो नहीं खाता, लेकिन आप मेरे लिए पनीर बना देना।

    एक बुजुर्ग व्यक्ति बंटी से पूछा – कैसे हो बंटी?
    बंटी – ठीक हूं।
    बुजुर्ग – पढ़ाई कैसी चल रही है?
    बंटी – बिल्कुल आपकी जिंदगी की तरह।
    बुजुर्ग – इसका क्या मतलब है?
    बंटी – मतलब राम भरोसे।

    मास्टर – अरे बंटी, तुमने ये पट्टी क्यों बांध रखी हैं?
    बंटी – कल गिर गया था।
    मास्टर – ओह हो हो…तो ‘दवा-दारू’ कुछ ली की नहीं?
    बंटी – हां, वो गिरने से पहले ही ले ली थी….

    बंटी – हे भगवान, इस बार परीक्षा में पास करवा देना।
    भगवान – तो, खाली हाथ क्यों आए हो..नारियल-केला क्यों नहीं लाए?
    बंटी – भगवान जी पहले आप कर्म करो, फिर फल की चिंता करना।

    बंटी स्कूल में गधा लेकर आया।
    मास्टर – ये गधा क्यों लेकर आए हो?
    बंटी – आपने ही तो कहा था कि आप बड़े से बड़े गधे को इंसान बना देते हैं।

    बंटी जूस वाले से – जल्दी से जूस दो, लड़ाई होने वाली है।
    एक गिलास जूस पीने के बाद – एक और दो, लड़ाई होने वाली है।
    पांच गिलास जूस पिलाने के बाद जूस वाले ने पूछा – लड़ाई कब होगी?
    बंटी – जब आप पैसे मांगेंगे।

    बंटी की माँ राजू की माँ से – पिछले तीन महीने से मेरा बच्चा इस व्हाट्सएप की वजह से स्कूल नहीं जा रहा है।
    राजू की माँ – क्यों?
    बंटी की माँ – 3 महीने पहले ये घर का रास्ता भूल गया था,
    तो मिसिंग लिखकर व्हाट्सएप ग्रूप पर फोटो और पता डाल दिया था। 15 मिनट में ये हमें मिल गया।
    राजू की माँ – तो अब क्या हो गया?
    बंटी की माँ – वो मैसेज अभी तक अलग-अलग ग्रुप में घूम रहा है और जैसे ही यह घर के बाहर जाता है, लोग इसे वापस घर पहुंचा देते हैं।

    math के मास्टर पढ़ा रहे थे कि अगर 100 किलो = 1 टन है, तो 300 का कितना टन होगा?
    बंटी – टन टन टन।

    बंटी – बाल छोटे कर दो..
    नाई – कितना?
    बंटी – इतना की मास्टर के हाथ में न आ सके।

    बंटी- मास्टर अगर राष्ट्रगान और राष्ट्र पशु दोनों एक साथ आए, तो खड़े रहना है या भागना है?
    मास्टर ने तुरंत इस्तीफा दे दिया।

    मास्टर – वादा करो कि कभी कोई नशा नहीं करोगे?
    बंटी – नहीं करेंगे।
    मास्टर – कभी लड़कियों का पीछा नहीं करोगे।
    बंटी – नहीं करेंगे।
    मास्टर – लड़कियों से दोस्ती भी नहीं करोगे।
    बंटी – नहीं करेंगे।
    मास्टर – वतन के लिए जान देंगे।
    बंटी – दे देंगे मास्टर…अब ऐसी जिंदगी का और करेंगे भी क्या।

    हिंदी के मास्टर – संदीप अब शराब नहीं पीता है। बंटी इसमें संदीप क्या है?
    बंटी – इसमें संदीप माता रानी का भगत है, जिसने नवरात्रि के व्रत रखे हुए हैं।

    मास्टर – टेबल पर चाय किसने गिराई? इसे अपनी मातृभाषा में बोलकर सुनाओ।
    बंटी – अरे नालायक, धुली चद्दर का नाश करके मिल गई शान्ति? अब ये तेरा बाप धोएगा या तू…
    मास्टर अभी भी बेहोश हैं।

    मास्टर केमिस्ट्री पढ़ा रहे थे।
    तभी मास्टर ने बंटी से कहा, “पानी का फार्मूला बताओ।”
    बंटी – H2O+NaOH+HNO3
    मास्टर – गलत है ये।
    बंटी – अरे मास्टर, ये नाले के पानी का फार्मूला है।

    शर्मा जी – यह कैसी माचिस लेकर आया है, सारी तीली जली हुई है?
    बंटी – शर्मा जी मैं तो सारी तीली चेक करके ही लाया हूं।

    पिंकी ने मास्टर से शिकायत करते हुए कहा की पूरी क्लास उसे बुआ कहती है।
    मास्टर – जो भी पिंकी को बुआ कहते हैं, सब खड़े हो जाओ।
    बंटी को छोड़कर पूरी क्लास के बच्चे खड़े हो गए।
    मास्टर – शाबाश बंटी! अब तुम बताओ सबको कि तुम इसे बुआ क्यों नहीं कहते हो।
    बंटी – क्योंकि, मैं तो फूफाजी हूं।

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    मास्टर – सबसे तेज उड़ने वाले पक्षी का नाम बताओ।
    बंटी – हाथी।
    मास्टर – नालायक, तुम्हारे पिताजी क्या करते हैं?
    बंटी – एक गैंग में शूटर हैं।
    मास्टर – शाबाश! सभी बच्चे जवाब लिखो..हाथी।

    मास्टर – सन 1869 में क्या हुआ था?
    बंटी – गांधीजी का जन्म हुआ था।
    मास्टर – सही जवाब, बैठ जाओ।
    मास्टर – सन 1872 में क्या हुआ था?
    राजू – गांधीजी 3 साल के हो गए थे, तो अब मैं भी बैठ जाऊं क्या?

    मास्टर – अगर नदी में नींबू का पेड़ है, तो नींबू कैसे तोड़ेंगे?
    बंटी – चिड़िया बनकर।
    मास्टर – नालायक, तुम्हें चिड़िया कौन बनाएगा?
    बंटी – जिसने नदी में नींबू का पेड़ लगाया होगा।

    मास्टर – ऐसा वाक्य सुनाओ, जिसमें उर्दू, पंजाबी, हिंदी और इंग्लिश शब्द आते हो।
    बंटी – इश्क दी गली विच नो एंट्री।

    स्कूल में बंटी चाकू लेकर घूम रहा था।
    मास्टर – तुम स्कूल में चाकू लेकर क्यों आए हो?
    बंटी – गरीब हूं..बंदूक नहीं है घर में।

    Conclusion

    आशा करते है की आपको हँसाने वाले मजेदार चुटकुलो से भरे हमारा Jokes for Kids in Hindi का या आर्टिकल बेहद ही पसंद आया होगा, इस आर्टिकल का खूब मज़ा उठाये, हँसे और हंसाए, ज़िन्दगी को बेहतर बनाएं,

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